rauni,gugga mandir,
rauni,gugga mandir,p/o- manjithia enclave,patiala, punjab.
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bhagat makhan singh ji

पटियाला से नाभा रोड पर स्तिथ बड़ी रौनी नाम का गाओं है. गाओं के बहार खेतों में रेलवे लाइन के पास श्री गुग्गा जी का मंदिर है. 2011 में बगड़ राजस्थान से ईंटो का जोड़ा लाकर इस स्थान की स्थापना की गई है.यहाँ पर मौजूदा भगत मक्खन सिंह जी इस स्थान की सेवा कर रहे हैं.९ जनवरी 1993 को भगत जी का जनम लखविंदर सिंह और सुरजीत कुर जी के घर हुआ आप केवल तीन साल के थे तब से ही आप पर गुग्गा जी की किरपा हो गई,मझेरी ( हरियाणा) में गुग्गा मंदिर के भगत के वचनो के अनुसार आप का जनम गुग्गा जी की सेवा हेतु होना नियति की इछा थी.बचपन में ही आप अपनी मौसी के गाओं रौनी आ गए,यही आप का पालन पोषण हुआ.बचपन में ही पिता जी की सड़क हादसे में मृत्यु हो गई.आप की आयु अब 21 साल है.आप घर में ही गुग्गा जी की गद्दी लगा कर सेवा करते थे. गाओं वालो के सहयोग से २०११ में गुग्गा जी का यह मंदिर बना. अब आप यहाँ पर गुग्गा जी की इछा से संगत की सेवा कर रहे है.हर साल बागड़ मेले में आप भगतों सहित यात्रा करते है.बाबा जी ने बताया की गुग्गा मंदिर राजस्थान की व्यवस्था बहुत खराब है. मैं बाबा जी के स्थान को बचपन से देखता आ रहा हु. हमारे गाओं में सारे ही धरम स्थलों को बड़ी आदर और शर्द्धा भाव से पूजा जाता है. मुझे बहुत खेद है की बाबा जी के सबसे बड़े स्थान गुग्गा मंदिर बागड़ राजस्थान की वयवस्था की हालत बहुत दयनीय है. पंजाब के लोगो की बहुत शर्द्धा है और इस स्थान को देख कर हमारी धार्मिक भावनाए बहुत आहात होती है.की इतनी पवितर जगह पे सफाई, लंगर, हसपताल, सिक्योरिटी आदि की वयवस्था बिलकुल नहीं. करोड़ो लोग इस स्थान पे आते है और मेले में बहुत असुविधा से परेशान होते है, काश बाबा जी का मंदिर पंजाब में होता तो यहाँ के भगत जन इसे सोने चाँदी से सजा देते, बाबा जी के भगत अरबो का चढ़ावा यहाँ दान करते है लेकिन मंदिर कमेटी और राजस्थान प्रशासन और मंत्री आँख मूँद कर बैठे है, बाबा जी इन सब को सदबुद्धि प्रदान करे ता की मंदिर प्रबंध को मर्यादा में लाया जा सके. मेरा सरकार और प्रबंधको को सन्देश है की अगर वह यह काम नहीं कर सकते तो इसका प्रबंध पंजाबियों को दे . जो काम २०० सालो से नहीं हुआ बाबा जी के भगत उसे २० दिन में कर देंगे, अगर प्रशासन नींद से जागना चाहता है तो कभी वो अधिकारी हमारे गाओं में आ कर देखे की बाबा जी के स्थान को हम ने इतनी छोटी की जगह पे कितनी मर्यादा से सेवा करते है. भगतो की दी हुई दान राशि को सही जगह लगाया जाना चाहिए .

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