pracheen shri shiv mandir, bhai ji bagriyaan
प्राचीन श्री शिव मंदिर, गावं- भाई जी बागडियां ,नाभा , पंजाब.
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mahand anandchetan muni ji

प्राचीन श्री शिव मंदिर, गावं- भाई जी बागडियां ,नाभा से मलेरकोटला जाने वाली सड़क पर स्तिथ बहुत ही मनोरम धरम स्थल है.बागडियां बस स्टॉप के पास गुरुद्वारा साहिब के पीछे बना यह मंदिर तकरीबन 350 साल पुराना है.संत सभाल गिरी जी द्वारा इस स्थान पर चालीस साल सेवा की गई. उनके उपरांत श्री उत्तम गिरी जी ने बीस साल ,मदुखरी बाबा जी जो की सूरज जी के उपासक थे उन्होंने पंद्रह साल यहाँ पर सेवा की.1965 के बाद यह मंदिर खाली हो गया और नित प्रतिदिन की जाने वाली सेवा बाधित होने लगी.तो ग्राम पंचायत ने समस्या इस का समाधान किया. इसी शिव मंदिर के सामने श्री ठाकुर द्वारा मंदिर है.जिसकी स्थापना वैष्णो संत श्री श्री सीता राम जी द्वारा की गई थी.इस मंदिर के नाम अस्सी बीघा जमीन है.1965 में सीता राम जी के निधन उपरांत 1971 में ग्राम पंचायत ने नाभा श्री गोपाल मंदिर के संत मुरारी लाल जी से मंदिर सेवा हेतु प्राथना की तो संत मुरारी जी के कहने पर श्री महंत आनंद चेतन मुनि जी इस स्थान की सेवा शुरू की.
एक चमत्कार ने श्री महंत आनंद चेतन मुनि जी को इस शिव मंदिर में स्थाई सेवा के लिए प्रेरित किया.1973 में पंजाब में सूखे की स्तिथि थी.जिला संगरूर में हालत बहुत ही दयनीय थी.भीषण गर्मी का मौसम था तभी इलाके के बहुत से लोग और गाओं वासी शिव मंदिर में इकठे होने लगे.सामने मंदिर में सेवा कर रहे श्री महंत आनंद चेतन मुनि जी ने लोगों से इसका कारण पूछा तो लोगों ने चमत्कारी शिव लिंग के बारे में बताया की बरसात न होने पर आज से तीस साल पहले भी इस मंदिर को जल से भरा गया था और शिवलिंग को जल में डूबने से पहले ही बारिश हुई थी.गाओं के बजुर्गों ने इस बात को प्रमाणित किया की हम पहले भी इस तरह बारिश करवा चुके हैं तो इस बात को लेकर श्री महंत आनंद चेतन मुनि जी ने कहा की यह कैसे संभव है इस तरह तो कोई भी अपने अपने इलाके में बारिश करवा लेगा. गाओं वालों ने मंदिर द्वार को बोरियों आदि से बंद कर मंदिर को जल से भरना शुरू किया सुबह ग्यारह बजे से यह काम शुरू किया गया और दोपहर डेढ़ बजे तक शिवलिंग पानी में डूबने लगा और पूरे एक बजकर पैंतालीस मिनट पर बहुत ही जोरदार बारिश शुरू हुई. इलाके में दो दो फ़ीट पानी भर गया तो बजुर्गों ने मंदिर में पानी रोकने के लिए लगाये थैले निकालने को कहा और बताया की अगर मंदिर से अब पानी नहीं निकाला तो इतनी वर्ष होगी की मंदिर भी डूब जायेगा. इस चमत्कार को अपनी आँखों से देखने के बाद श्री महंत आनंद चेतन मुनि जी ने शिव मंदिर की सेवा की प्रतिज्ञा ली.उन्होंने यहाँ पर श्री हनुमान मंदिर,माता रानी मंदिर,संत अवं मुनियों की समाधि स्थल,तालाब, लंगर हाल, छप्पर, और संत लोगों के विश्राम हेतु आश्रम और सुन्दर बगीचा बनवाया,इस स्थान पर एक प्राचीन कुआँ है जो की बंद है.यहाँ पर अखंड धूणा प्रज्वलित है.मंदिर में नियमित पाठ पूजा हेतु दो विद्वान पंडितशांति परसाद और प्रदीप कुमार भी मौजूद हैं, जो की जनम पत्री और ज्योतिष विद्या में निपुण हैं. दूर दूर से संगत आशीर्वाद प्राप्त करने इस स्थान पर आती है.

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